वर्तमान युवाओं को प्रेरणा देने वाली संघर्ष भरी डॉक्युमेंट्री कहानी

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बुंदेलखंड की मातृभूमि का ऋण कर्ज चुकाने का प्रयास करने वाले किसान के बेटे ने शून्य से शिखर की यात्रा करके बुंदेलखंड के युवाओं के लिए प्रेरणा स्रोत नजीर उदाहरण बन गए संतोष गंगेले कर्मयोगी
छतरपुर मध्य प्रदेश
यदि आप भारत की संस्कृति संस्कारों और सनातन धर्म आस्था विश्वास रखते हैं। आप दुनिया के विभिन्न विषयों पर चिंतन चर्चा करते हैं । आपके बीच में एक ऐसे समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी जो वर्तमान में गूगल विकिपीडिया,सोशल मीडिया गूगल यूट्यूब चैनल रील इंस्टाग्राम व्हाट्सएप फेसबुक विभिन्न प्रकार के प्लेटफार्म पर आत्म-विश्वास श्रद्धा और भक्ति के साथ-साथ निस्वार्थ भाव से समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित हैं ।

संक्षिप्त जीवनपरिचय
मध्य प्रदेश के कस्बा नौगांव से 2 किलोमीटर दूर ग्राम वीरपुरा नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर मध्य पिन कोड 471 201। जिनका व्यक्तिगत मोबाइल नंबर 9893196874 ग्राम में 11 दिसंबर 1956 को जन्म लेने वाले संतोष गंगेले कर्मयोगी के माता का नाम श्रीमती सुमित्रा देवी एवं पूछ पिताजी स्वर्गीय श्री हरिहर महाराज संत जी के नाम से प्रसिद्ध थे जो मानस मर्मज्ञ थे और भारत का भ्रमण चार बार कर चुके उनकी संतान के रूप में जन्म लिया चार भाई एक बहन के रूप में उनका परिवार रहा प्राथमिक शिक्षा ग्राम में ही अध्ययन की गई अन्य शिक्षा नौगांव नगर में अध्यनरत शिक्षण संस्थानों में की गई ।
घर में आर्थिक दृष्टि पारिवारिक संकट के कारण बहुत ही अत्यधिक गरीबी कठिनाइयां के बीच जीवन यापन करके व्यापारियों के यहां काम करने के बाद मजदूरी करने के बाद अध्ययन किया शून्य से शिखर की यात्रा बहुत ही कठिन संघर्षशील। समस्याओं से उसे कर भी पीछे मुड़कर नहीं देखा दोनों रात मेहनत करके घर परिवार का पालन पोषण संरक्षण माता-पिता की सेवा गुरु आज्ञा की पालन करते हुए कक्षा आठवीं पास करने के बाद संकट आने के कारण शिक्षा छोड़कर नौगांव आर्मी कॉलेज में चौकीदारी के पद पर 1977 में नौकरी करते हुए परिवार का पालन पोषण किया वर्ष 1979 में नौकरी छूट जाने से दिल्ली जाकर इंडिया गेट आंध्र प्रदेश गेस्ट हाउस झुग्गी झोपड़ियां में रहकर मजदूरी करके घर का पालन पोषण किया और छोटे भाई बहनों को आगे बढ़ाने उन्हें पढ़ानें में मददकी । दिल्ली में रहकर अत्यधिक कष्ट और संघर्ष झेल जिनका लिखना बहुत ही मुश्किल है । उन यादों को कभी भुलाया नहीं जा सकता है ।
वर्ष 1980 में दिल्ली से लौटकर हायर सेकेंडरी की परीक्षा प्राइवेट परीक्षा की तैयारी की एवं नौगांव तहसील चौराहे पर चाय पान की दुकान खोली परिवार का संचालन किया हाई सेकेंडरी में मेहनत से उतनी करने के बाद बापू महाविद्यालय नौगांव में अध्ययन भी शुरू किया चाय पान की दुकान की और इस समय से छतरपुर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्रों में कविता कहानी और समाचार लिखना शुरू किया । वर्ष 1981 में मध्य प्रदेश शिक्षा बोर्ड द्वारा संचालित टाइपिंग की परीक्षा उत्तीर्ण करके विकास का रास्ता खुला बहुत धंधा करने के साथ-साथ चाय पान की दुकान चलाने में छोटे भाइयों का सहयोग लिया कॉलेज में जाना एवं न्यायालय अदालत में बार टाइपिस्ट आरजी नवीसी का काम शुरू किया टाइपिंग का काम शुरू किया पंडित श्री गोविंद तिवारी जी अधिवक्ता के अर्जी नवीश मुंशी बनने के बाद उन्होंने शिक्षा संस्कृति संस्कार का पाठ पढ़ाया और प्रगति के पद पर ले जाने के लिए अनेक रास्ते बताएं
वर्ष 1983 में छतरपुर क्षेत्र में भीषण वर्षा होने के कारण घर मकान किसान परेशान होकर तब आए हुए इस समय सांसद श्रीमती विद्यावती चतुर्वेदी विधायक श्री यादवेंद्र सिंह लल्लू राजा साहब एवं छतरपुर कलेक्टर श्री होशियार सिंह के साथ मिलकर समाज सेवा शुरू की । समाज सेवा से प्रभावित होकर सांसद विधायक कलेक्टर ने नौगांव में अधिकृत रूप से लेखक अर्जी नवीश के रूप में लाइसेंस प्रदान किया और कलेक्टर ने कहा की लगन और ईमानदारी से काम करोगे तो आगे चलकर एक परिवार नहीं अनेक परिवारों का जीवन अच्छी तरह चलेगा और उसी रास्ते को पकड़ कर आगे शुरू किया 1 में 1984 को नौगांव में रजिस्ट्रार कार्यालय ओपन या कार्यालय खोला गया जिसमें लेखक के रूप में अनुज्ञप्ति प्रदान की गई । क्षेत्र में पत्रकारिता समाज सेवा लोगों की पहचान का लाभ मिलने के कारण अद्भुत काम आया और वहां पर दो लड़के सहायक के रूप में रखने पड़े 21 फरवरी 1985 को बिना दहेज शादी लेकर गरीब परिवार में रिश्ता क्या हुआ इस रिश्ते में नौगांव क्षेत्र के समाज सेवी राजनेता प्रशासनिक अधिकारी सभी शामिल हुए। सभी ने गरीब परिवार में विवाह करने के लिए आशीर्वाद प्रदान किया धर्मपत्नी का अद्भुत भाग कर्म और उनकी सेवा शिव परिवार में सुख शांति संपत्ति सुमति बनी रहने के कारण समाज में प्रतिष्ठा और सम्मान मिलने लगा।
वर्ष 1984 में 14 जनवरी को छतरपुर जिला जज एवं सत्र न्यायाधीश
श्री एम एस कुरैशी नौगांव नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष श्री शंकर लाल नेहरू उत्तर बुंदेलखंड के जाने-माने डॉक्टर राजेंद्र सिंह चौहान के समक्ष ईमानदारी कर्तव्य निष्ठा और लगन से पत्रकारिता करने की शपथ लेकर संकल्प लेकर काम शुरू किया गया और इसी काम को लेकर के समाज देश सेवा राष्ट्रभक्ति का जज्बा आगे बढ़ा ।
जीवन की गाड़ी एकदम रफ्तार पकड़ गई व्यापार प्रगति कर गया प्रशासनिक शासन की मदद मिली अनेक व्यापार शुरू हुए भाइयों को पढ़ना शुरू किया संतान उत्पत्ति हुई यह संकल्प पूरा हुआ कि कोर्ट कचहरी न्यायालय तहसील कार्यालय जो भी आमदनी होती थी उसका 20% भाग समाज और राष्ट्र के लिए समर्पित करके समाज सेवा का संकल्प शुरू किया अल्प समय में नौगांव तहसील कार्यालय जनपद कार्यालय के 132 ग्रामों में समाजसेवी कर्मठ व्यक्ति कर्म योगी के नाम से संतोष गंगेले कर्मयोगी ने अपनी पहचान बनाई प्रत्येक क्षेत्र में मान सम्मान प्रतिष्ठा बड़ी।
मान प्रतिष्ठा और सम्मान को नीचा दिखाने के लिए प्रतिद्वंदी और तहसील कार्यालय के अनेक लोगों ने झूठे मुकदमे मारपीट अन्याय अत्याचार बलात्कार जैसी घटनाओं की शिकायत शासन प्रशासन के पास भेजना शुरू की लेकिन छतरपुर जिला प्रशासनिक अधिकारी जिला दंडाधिकारी और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी को निराधार साबित करने में शासन प्रशासन ने कर्तव्य निष्ठा ईमानदारी दिखाकर काम किया न्यायालय से भी न्याय मिला दुश्मन ने अपना षड्यंत्र और कुचक्र कर के बहुत कुछ करने के प्रयास किया लेकिन कर्तव्य मार्ग पर बैठे रहने के कारण ईश्वर ने प्रत्येक तरह की मदद करके आगे बढ़ाया ।
वर्ष 1990 से विधानसभा क्षेत्र बिजावर और महाराजपुर क्षेत्र में जनसंपर्क शुरू किया विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी की बिजावर विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में आवेदन किया गया लेकिन ईश्वर ने मानसिक स्वच्छता करते हुए चुनाव लड़ने से मना किया और विधानसभा का फॉर्म वापस लिया उसे समय के बाद क्षेत्र के राजनेता किसी भी तरह से संगीन अपराधों में फसाने का प्रयास करते रहे सैकड़ो प्रयास हुए लेकिन शासन प्रशासन न्याय प्रक्रिया और जनमानस की भावनाओं से संकटों से निकलकर बाहर आने का अवसर मिला ।
20 अक्टूबर 1993 को धर्मपत्नी का निधन हो जाने के बाद चार बच्चे बिन मां के हो गए और जीवन मझधार में लटक गया लेकिन ईश्वरी कृपा और समाज के सहयोग से दूसरा विवाह 14 दिसंबर 1993 को नौगांव तहसील क्षेत्र के ग्राम झीझन लुगासी जिला छतरपुर मैं हो गया और दूसरी पत्नी ने चारों बच्चों का पालन पोषण सौतेली मां के कलम मिटाकर अद्भुत कार्य करके समाज सेवा और देशभक्ति का जज्बा पैदा किया आध्यात्मिकता धर्म से जुड़ी श्रीमती जी के कारण बच्चों का पालन पोषण पूर्ण रूप से आगे बढ़ा और समाज और राष्ट्र सेवा करने का जज्बे ने आगे बढ़ने का मौका दिया ।
बुंदेलखंड के महान संत मानस मर्मज्ञ आचार्य श्री केशव जी ब्रह्मचारी जालौन उरई उत्तर प्रदेश द्वारा कर्म योगी की उपाधि दी गई और उन्होंने मानस मन से कहा कि तुम्हें भारतीय संस्कृति सनातन धर्म और संस्कारों के लिए जीवन जीना है कर्म योगी की उपाधि का पालन करना है इस विचारों को लेकर समाज सेवा देश सेवा का संकल्प और तेज किया ।
कर्मयोगी की उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा 42 वर्ष की पत्रकारिता के दौरान उन्होंने कभी किसी भी सामाजिक संस्थाओं और पत्रकारिता के लिए विज्ञापन के नाम पर एक पैसा नहीं लिया है और पत्रकारिता को स्वच्छ सुंदर ईमानदार बनने के लिए कभी किसी से पत्रकारिता के नाम पर ₹1 वसूल नहीं किया है । पत्रकारिता के क्षेत्र में उनका नाम पूरे बुंदेलखंड में गर्व से लिया जाता है । उन्होंने अपने जीवन में ऐसे महापुरुष पंडित माखनलाल चतुर्वेदी पंडित बनारसी दास चतुर्वेदी महावीर प्रसाद द्विवेदी गणेश शंकर विद्यार्थी राजा राममोहन राय एवं बाल गंगाधर तिलक जैसे महान साहित्यकार पत्रकारों की जीवनी पढ़कर उन्होंने पत्रकारिता को आगे बढ़ाने में जीवन समर्पण कर दिया ।वर्ष 1984 में बुंदेलखंड क्षेत्र कस्बा के पत्रकार संघ के अध्यक्ष बनने पर एक विशाल कार्यक्रम नौगांव नगर पालिका प्रांगण में श्री शंकर लाल मेहरोत्रा डॉक्टर सुरेंद्र सिंह चौहान के सहयोग से जिला सत्र न्यायाधीश श्री एम एस कुरैशी के मुख्य अतिथि में शपथ संकल्प कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें उन्होंने शपथ ली थी कि वह संपूर्ण जीवन में पत्रकारिता को व्यापार नहीं बनाएंगे और कलंकित नहीं होने देंगे । समाज और राष्ट्र की सेवा करेंगे जिसका वह आज वर्ष 2024 तक पूर्ण रूप से अपने शपथ संकल्प को निभाते चले आ रहे हैं!अनेक सामाजिक संगठन ऑन और संस्थाओं से जोड़ने के बाद उन्होंने समाज और राष्ट्र की सेवा करने के लिए अपने कुछ विषय चुने हैं उन्होंने सबसे पहले समाज में व्याप्त कुरीतियों छुआछूत को समाप्त करने सामाजिक समरसता पर काम किया । क्षेत्र में शिक्षा के अधिकार को दूर करने के लिए शिक्षा से पहले संस्कार विषय के साथ प्रत्येक विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति संस्कार जागने के लिए उन्होंने शपथ लेकर के अपनी जन्म भूमि ग्राम वीरपुर पोस्ट नौगांव जिला छतरपुर से राष्ट्रीय एकता दिवस के अवसर पर जनमानस के बीच शपथ लेकर मोटर का साइकिल से बुंदेलखंड क्षेत्र में अलग जगाने के लिए शिक्षा स्वास्थ्य स्वच्छता समरसता समाज नशा मुक्ति अभियान तथा वाहन दुर्घटना रोकने के लिए यातायात नियम पालन करने का संकल्प लिया समाज में आवेदन होने वाली बहू बेटियों की अकाल मृत्यु को रोकने के लिए दहेज जैसे सामाजिक कलाम को दूर करने के लिए उन्होंने अपने बेटे और बेटियों का विवाह बिना दहेज करके समाज को एक उदाहरण प्रस्तुत किया जिसका छतरपुर जिला प्रशासन सहित राजनेताओं ने खुलकर उनके कार्यों की साधना की और उन्हें अनेक सामाजिक संगठनों द्वारा सम्मानित भी किया गया !भारत सरकार द्वारा समय-समय पर होने वाले पंचायत नगर पालिका विधानसभा लोकसभा चुनाव में मतदाता जागरूकता अभियान तथा मतदाताओं को मत के प्रति जागरूक करने और प्रजातंत्र की रक्षा करने के लिए व्यक्तिगत रूप से समूचे क्षेत्र में उत्तर प्रदेश में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिले जनपदों में विचार प्रसार किया वर्ष 2020 में जब कोविड-19 भारत देश में वैश्विक महामारी कोरोना वायरस बीमारी को लेकर के भारत सरकार और प्रदेश सरकार लगातार जनमानस की जीवन बचाने के लिए लगी हुई थी तब बुंदेलखंड क्षेत्र के समाजसेवी एवं राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी नौगांव बुंदेलखंड जिला छतरपुर द्वारा अपनी जान की परवाह किए बगैर छतरपुर टीकमगढ़ पन्ना सतना दतिया एवं उत्तर प्रदेश क्षेत्र के महोबा बांदा हमीरपुर ललितपुर झांसी इन क्षेत्रों में कॉविड-19 कोरोनावायरस जन जागरण अभियान में अपना महत्वपूर्ण योगदान प्रदान कर रहे थे शासन प्रशासन द्वारा अनेकों बार उनको चेतावनी दी गई और समझाइए कि आपकी उम्र बहुत ज्यादा हैं आप घर पर रहे लेकिन उन्होंने इस महामारी से उसे कर समाज और राष्ट्र सेवा के लिए संकल्प लेकर निकले और लोगों की मदद की भोजन पानी की व्यवस्था कराई मास्क वितरण कार्य किया। सामाजिक संस्थाओं के माध्यम शासन की औषधियां लोगों तक पहुंचने में मदद की । इस सामाजिक कार्य के लिए उन्हें हिंदुस्तान के पांच राज्यों से कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया ।बुंदेलखंड के महान समाजसेवी राष्ट्रीय आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित संतोष गंगेले कर्मयोगी फरवरी 2020 से बुंदेलखंड के हृदय स्थली नौगांव बुंदेलखंड से छतरपुर पन्ना टीकमगढ़ निवाड़ी उत्तर प्रदेश के महोबा हमीरपुर झांसी ललितपुर 8 जिलों में मोटरसाइकिल से लगातार कोरोना वायरस बीमारी से बचने के लिए माइक लेकर निजी धन खर्च करके जन जागरुक करते आ रहे हैं। साथ ही कोरोना महामारी अभियान में स्वास्थ्य कर्मचारियों पुलिस कर्मचारियों स्वच्छता मीडिया बंधुओं एवं समाजसेवियों का लगातार पुष्प माला पहनाकर पुष्प वर्षा करते हुए उनके मनोबल बढ़ाने में लाखों रुपए खर्च कर चुके हैं। लगातार भारत देश में विभिन्न राज्यों में अनेक सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। कोरोना वायरस कर्मवीर योद्धा सम्मान राष्ट्रीय समाज सेवी संस्था पंडित गणेश प्रसाद मिश्र सेवा न्यास दिल्ली के अध्यक्ष डॉटर राकेश मिश्रा जी सचिव श्रीमती आशा रावत जो कि कस्बा गांव के रहने वाले हैं उन्होंने सर्वप्रथम उनके सामाजिक कार्यों की राष्ट्रीय स्तर पर समीक्षा करके उन्हें सम्मान दिया है अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित राजेंद्र नाथ त्रिपाठी मध्य प्रदेश प्रभारी केडी सोनाकिया डीएसपी विश्व ब्राह्मण महासभा परिषद दिल्ली क्राइम कंट्रोल समिति राष्ट्रीय दिल्ली भारत विकास संघ राष्ट्रीय अध्यक्ष राठौर अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव गर्ग अनोखी आवाज नई दिल्ली नोएडा राष्ट्रीय हिंदी पत्रिका आज का प्रहरी संतोष दुबे नोएडा उत्तर प्रदेश दैनिक जबलपुर दर्पण के संपादक अनिल सेन द्वारा कर्मवीर कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित किया। इसी प्रकार अखिल भारतीय क्षत्रिय मेवाड़ा कला युवा संगठन महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र मेवाड़ा जोधपुर राजस्थान मीडिया हाउस इंदौर के संपादक रवि यादव अगर सोच समाचार पत्र सीहोर भोपाल के संपादक आशीष गुप्ता युवा अधिकार मिशन सुखी खबर न्यू दिल्ली के संपादक एवं पुलिस वाला पत्रिका न्यूज चैनल भोपाल अखंड भारत न्यूज न्यू दिल्ली अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद गाजियाबाद तथा खबर 29 भोपाल के संपादक द्वारा पुणे कोरोना वायरस कर्मवीर योद्धा सम्मान से सम्मानित किया गया है। स्थानीय और क्षेत्रीय सामाजिक संस्थाओं समाजसेवियों द्वारा उन्हें लगातार समाज सेवा करने के लिए जगह-जगह सम्मानित किया जा रहा है। महोबा जनपद मुख्यालय में संपन्न हुए प्रांतीय स्तर के दो पत्रकार सम्मेलन में उन्हें सम्मानित किया गया। समाजसेवी कर्म योगी संतोष गंगेले ने प्रदेश भ्रमण पर निकल कर जगह-जगह संगठन के कमेटियां गठित ही। पहला गणेश शंकर विद्यार्थी प्रेस क्लब मध्य प्रदेश का सम्मेलन सी फॉर होटल छतरपुर में 26 अक्टूबर 2013 को आलोक चतुर्वेदी के सहयोग से हुआ। जिसमे 21 सामाजिक नागरिकों ,स्वतंत्रता संग्राम सेनानियो,अधिकारियों, पत्रकारों को सम्मानित किया गया। दूसरा सम्मेलन 23 फरबरी 2014 जीरापुर राजगढ़ में हुआ। प्रांतीय सम्मलेन 26 अक्टूबर 2014 को गाँधी भवन भोपाल में आयोजित हुआ। तीसरा सम्मेलन 25 अक्टूबर 2015 को विदिशा में आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश के मंत्री रामपाल सिंह ने इस अवसर पर बेव साईट का शुभारंभ किया तथा प्रदेश के एक समाजसेवा के लिए सम्मानित किया। सागर, विदिशा,सिहोर,इंदौर,उज्जैन,देवास, शाजापुर,आगर -मालवा, नलखेड़ा, खिलचीपुर,सिरोंज विदिशा गंजबासोदा, हरदा,बंडा,मुंगावली अशोकनगर,चंदेरी, टीकमगढ़, ग्वालियर, मुरैना,शिवपुरी,गुना, राजगढ़ ब्यावरा,पचोर,मंडीदीप भोपाल में 10 दिसम्बर 2015 को आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश के पत्रकारों और आम जन की समस्यायों को लेकर प्रदेश सरकार को सैकड़ो पत्र लिख कर सरकार का ध्यान आकर्षित किया गया। श्री गंगेले का बुंदेलखंड पत्रकार गौरव सम्मान 1 जुलाई 2014 को आजाद भवन दिल्ली में सम्मानित किया गया. 31 मई 2015 को चंद्र लेख होटल मथुरा में प्रदेश गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। 7 मार्च 2015 को विदिशा जिला कलेक्टर ने सर्किट हाउस में समाज सेवा के लिए सम्मानित किया गया। 5 सितंबर 2015 को गंजबासोदा विदिशा में सम्मानित किया। 12 सितम्बर 2015 को इंदौर में सम्मानित किया गया। 13 दिसम्बर 2015 को मानस भवन जबलपुर में समाज गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। राजस्थान के बसवा जिला दौसा में राष्ट्रीय पत्रकार 9 जनवरी 2017 को पत्रकारिता और देश सेवा के लिए भारत सरकार के राज्य मंत्री श्री रामदास आठवले ने सम्मानित किया तथा समाजसेवा के लिए धन्यवाद पत्र भेजा। 30 मई 2018 को उत्तर प्रदेश पत्रकार संघ द्वारा महोबा में पत्रकारिता एवं समाज सेवा सम्मान सम्मानित किया गया साथ ही छतरपुर जिला के विभिन्न सामाजिक संगठनों ने अनेक स्थानों पर सम्मानित किया। 1 सितम्बर 2019 को मथुरा उत्तरप्रदेश में राष्ट्रीय शिक्षाविद सेमिनार में आदर्श शिक्षा रत्न उपाधि से सम्मानित किया गया। स्थानित, जिला और प्रदेश, उत्तर प्रदेश में सैकड़ो स्थानीय सम्मानों से सम्मानित होने के बाद 19 जनवरी 2020 को जयपुर राजस्थान में अंतर्राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त किया गया टीकमगढ़ में प्रांतीय सम्मेलन में पंडित बनारसीदास चतुर्वेदी पत्रकार सम्मान समारोह से सम्मान किया गया कानपुर उत्तर प्रदेश में चंद्रगुप्त मौर्य राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित होने का भी अवसर मिला अनेको बार आकाशवाणी छतरपुर से बार्ता प्रसारित हो चुकी है।प्रदेश के अनेक जिला व तहसील स्तर पर सम्मान मिला। छतरपुर जिला स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संघ अध्यक्ष श्री राम कृपाल चैरसिया जी व बुंदेलखंड बरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी श्री प्रताप सिंह ख्नन्हे राजा , ने श्री संतोष गंगेले के सामाजिक कार्यो व जीवन की सराहना की है। नगर पालिका परिषद् नौगांव सामाजिक कार्य करने और ईमानदारी से पत्रकारिता के लिए नागरिक अभिनंदन कर चुकी है। 17 फरबरी 2016 को सामाजिक समरसता सम्मान समारोह का आयोजन कर भारतीय संस्कृति की रक्षा के लिए पहल की जिसकी प्रशासन व जन प्रतिनिधियो ने सराहना की है। मध्य प्रदेश सरकार जन सम्पर्क विभाग से राज्य स्तरीय अधिमान्य पत्रकार नियुक्त किये जा चुके है। ग्रामीण क्षेत्रो में पीड़ित परेशानो की मदद करते है। अपने जीवन में पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर उनके परिवार के स्वर्गवासी सभी सदस्यो के नाम से बृक्षारोपड किया गया है। उनके गृह निवास व कार्यालय में उन्होंने बृक्षारोपड किया है। सामाजिक समरसता के आने उदहारण उनके जीवन के मिल सकते है। वर्ष 2023 के अंत में छतरपुर जिला प्रशासन के प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा उनका पेंशनर एसोसिएशन संगठन के सैकड़ो पदाधिकारी के बीच ऑडिटोरियम हाल छतरपुर में मंच पर सम्मानित किया गया और मीडिया हाउस के द्वारा उनको बुंदेलखंड के कर्म योगी के रूप में सम्मानित किया गया है लगातार देश की अनेक सामाजिक संगठन उनको सम्मानित करने के लिए आमंत्रित करते हैं लेकिन वह उम्र दराज और वरिष्ठ नागरिक होने के नाते बाहर की यात्रा नहीं कर रहे हैं ।42 वर्षों के सामाजिक क्षेत्र में काम करने के साथ-साथ उन्होंने वर्ष 2004 से सोशल मीडिया प्लेटफार्म से जोड़ने के बाद क्षेत्र की समस्याओं को जनता की आवाज बनकर काम किया और वर्ष 2011 से फेसबुक के माध्यम से संपूर्ण बुंदेलखंड क्षेत्र की आवाज उठाते रहे वर्ष 2017 से व्हाट्सएप ईमेल जीमेल आदि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से उन्होंने शासन प्रशासन के बीच दूरी का काम करके जनमानस में अपनी पहचान बनाई इस काम के लिए देश के 100 से अधिक राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं और स्थानीय तथा जिला राज्य स्तर पर सामाजिक संस्थाओं से उनको अनेकों सम्मान प्राप्त हुए हैं !बुंदेलखंड क्षेत्र के समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी द्वारा जो सामाजिक कार्य किए गए हैं उनकी सभी समीक्षा विभिन्न राज्यों में की जा रही है और उन्हें समय-समय पर दिल्ली हरियाणा राजस्थान मुंबई उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश प्रति के कई महानगरों में आमंत्रित किया जाता है और मंच पर सम्मानित किया जा रहा है लेकिन शासकीय तौर पर और शासन प्रशासन तथा भारत सरकार द्वारा उनके कार्यों की समीक्षा अभी तक न करना यह अन्याय और एक तरह से मानवता का हनन है उत्तर प्रदेश मध्य प्रदेश की सरकारों के साथ-साथ भारत सरकार की जो सर्व कमेटियां गठित की गई है वह उनके कार्यों की समीक्षा नहीं कर रही है जिससे वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी ख्याति प्राप्त नहीं कर सके ।भारत सरकार को पद्म विभूषण सम्मान देना चाहिए!वर्ष 2007 से लगातार बुंदेलखंड क्षेत्र में अपनी मोटरसाइकिल से यात्रा करते हैं तथा विद्यार्थियों छात्राओं को एवं गरीब निर्धन और आशाएं लोगों के बीच भारतीय संस्कृति संस्कारों नैतिक शिक्षा व्यवहारिक जीवन और आत्मविश्वास जगाने के लिए 15 से ₹25000 मासिक खर्च करते हैं प्रतिदिन 100 से 200 किलोमीटर की मोटरसाइकिल यात्रा करके हजारों विद्यार्थियों से व्यक्तिगत संपर्क करते हैं अभी तक उनकी मोटरसाइकिल लाखों किलोमीटर की यात्रा हो चुकी है और 15 वर्षों में 30 लख रुपए से अधिक रुपया वह समाज और राष्ट्र क्षेत्र में विद्यार्थियों के जीवन के भविष्य बनाने में खर्च कर चुके हैं हजारों शिक्षण संस्थानों में पहुंचकर लाखों बच्चों से संपर्क करके उन्होंने भारत की संस्कृति सनातन धर्म और नैतिक शिक्षा की लग जागी है हजारों लोगों के जीवन में परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण काम किया है । भारत के प्रधानमंत्री एवं भारत के राष्ट्रपति महोदय को उनके कार्यों की समीक्षा करके उन्हें ऐसा उच्च शिक्षा का पद भारतीय संस्कृति संस्कार बचाने के लिए देना चाहिए जिससे कि वह समाज के उदाहरण बन सके एवं उन्हें राष्ट्रीय सम्मान से राष्ट्रपति भवन से जो सम्मान पद्म श्री पदम विभूषण और भारत रत्न का प्राप्त होता है उससे कहीं ज्यादा बुंदेलखंड के हजारों हजारों शिक्षण संस्थाओं क्षेत्र के विधायक सांसद नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष प्रतिनिधियों और लाखों लाखों बच्चों ने अपनी दुआएं दी हैं वह प्यार इसलिए वह सम्मान भारत रत्न से 100 गुना ज्यादा अच्छा प्रतीत होता है ।
समूचे जीवन में गरीबी कठिनाइयां मजदूरी और ठोकर खाकर आगे बढ़ाने के समय को याद कर कर आज भी बुंदेलखंड के समाजसेवी अनेक राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित अनेक सांसद विधायक मंत्रियों के हाथों से सम्मान प्राप्त करने वाले समाज से भी संतोष गंगेले कर्मयोगी सोशल मीडिया के प्रत्येक प्लेटफार्म पर आपको उपलब्ध मिलेंगे गूगल पर विकिपीडिया पर उपलब्ध लिंक पर जाकर देख सकते हैं। गूगल पर संतोष गंगेले नाम लिखने पर या संतोष गंगेले कर्मयोगी लिखने पर आपके संपूर्ण जानकारी मिल सकती है और उनके कार्यों की समीक्षा संक्षिप्त डाली हुई है बुंदेलखंड के प्रत्येक क्षेत्र में आठ जिलों में उनके नाम की चर्चा बच्चे युवा छात्राएं जवान में वृद्ध के मुंह से सुनी जा सकती है।
संघर्ष भरी कहानी यही कहा जा सकती है कि शून्य पर जन्म लेनेवाले और शिखर तक पहुंचने में कठिनाइयां संघर्षों का सामना करने वाले आज समाजसेवी संतोष गंगेले कर्मयोगी 67 वर्ष की आयु पूरी कर अभी भी बुंदेलखंड की यात्रा पर समाज राष्ट्रवादी सेवा में लगे हुए हैं और अपने बच्चों से परिवार से अनुमति लेकर भारत की संस्कृति सनातन धर्म संस्कारों के लिए काम कर रहे हैं ।

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