गोकाष्ठ अपनाए-पर्यावरण बचाए ।
24 मार्च होलिकादहन को लेकर गोकाष्ठ संवर्धन एवं पर्यावरण संरक्षण समिति ने भोपाल शहर में जनमानस के बीच अपने पर्यावरण और गऊ माता को सहेजने के पवित्र उद्देश्य को लेकर अलख जगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है । इसी तारतम्य में गोकाष्ठ समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरुण चौधरी, समन्वयक मम्तेश शर्मा और प्रमुख सलाहकार अजय दुबे द्वारा शहर में और आसपास स्थित सभी गोशालाओं में जाकर अधिकाधिक गोकाष्ठ निर्माण के लिए गोशाला प्रमुखों को प्रेरित किया जा रहा है । अध्यक्ष अरुण चौधरी का कहना है कि इस बार हमारा लक्ष्य शहर की 85 से 90 प्रतिशत होलिकादहन गोकाष्ठ से ही हो इस पर फोकस है । और हमने आज की स्थिति में लगभग 4000 किवंटल गोकाष्ठ संग्रह कर ली है । जिसे हम 20 मार्च तक 6000 किवंटल कर लेंगे । गोकाष्ठ समिति के सचिव प्रमोद चुग का कहना है कि विगत वर्षों के अनुभव से सीखते हुए हमने यह तय किया है कि इस बार शहर में गोकाष्ठ विक्रय के 18 सेंटर तो वन विभाग के सेंटरो वाले स्थानों पर बनाएंगे ही । साथ ही शहर की प्राइम लोकेशनो में 12 से 15 सेंटरो का और इजाफा किया जाएगा । जिससे आम पब्लिक को सुगमता के साथ गोकाष्ठ उपलब्ध हो सके । गोकाष्ठ समिति की बैठक में तय किया गया कि होलिकादहन के एक हफ्ते पहले से प्री बुकिंग भी प्रारंभ कर दी जाएगी और फोन से प्राप्त सूचना पर घर पहुंच सेवा भी उपलब्ध कराई जाएगी । जिसमें ट्रांसपोर्ट व्यय अलग से लिया जाएगा । गोकाष्ठ समिति के कोषाध्यक्ष/समन्वयक मम्तेश शर्मा ने बताया कि जनमानस में शहर की हरियाली को सहेजने और उसके प्रति चेतना जागृत करने के लिए एक नुक्कड़ नाटक की तैयारी भी की जा रही है । जिसका मंचन होलिकादहन के तीन चार दिन पहले से शहर के प्रमुख स्थानों में कर जन जागरूकता अभियान की शुरुआत की जाएगी । गोकाष्ठ परिवार के वरिष्ठ उपाध्यक्ष विजय अग्रवाल, हेमंत अजमेरा, रमेश सहबानी,सत्यनारायण बांगड़, सत्यार्थ दुबे,प्रो महेंद्र जोशी,संजय ठाकुर, रजनीश त्रिपाठी, अमित शुक्ला, रामबाबू शर्मा, शैलेंद्र निगम, मीता वाधवा, समता अग्रवाल द्वारा शहर को 4 से 5 जोन में बांटकर एक एक जोन की जिम्मेदारी सम्बंधित व्यक्ति द्वारा ली जाएगी और प्रयास किया जाएगा कि शहर की हर बड़ी कॉलोनी में गोकाष्ठ का एक सेंटर खुल सके । जिससे होलिकादहन के लिए आमजन लकड़ी के विकल्प के रूप में गोकाष्ठ को प्राथमिकता दे । गोकाष्ठ परिवार के प्रमुख सलाहकार साइंटिस्ट डॉ योगेंद्र कुमार सक्सेना का कहना है कि अगर हम सब सकारात्मक भाव के साथ होलिकादहन में सिर्फ गोकाष्ठ का ही इस्तेमाल करते हैं तो हम हजारों एकड़ के जंगल को कटने से बचाने में अपना अहम रोल निभा सकते हैं साथ ही पर्यावरण को प्रदूषित होने से भी रोक सकते हैं । गोकाष्ठ परिवार के सलाहकार पांडुरंग नामदेव ने बताया कि जल्द ही हम शहर की प्रमुख होलिकादहन समितियों के सदस्यों के साथ एक बैठक करने जा रहे हैं जिसमें सभी साथियों से निवेदन किया जाएगा कि अपने शहर की हरियाली को बचाने के लिए हम सबको होलिकादहन में लकड़ी की जगह गोकाष्ठ को प्राथमिकता देनी होगी । गोकाष्ठ प्राप्त करने के लिए मम्तेश शर्मा 9977890859, 9300068899,अरुण चौधरी 9425011312,अजय दुबे 9826489749, प्रमोद चुग 9425008240, योगेंद्र सक्सेना 9425677776 से संपर्क कर सकते है ।
