68 दिन में 5800 नेताओं ने जॉइन की BJP:चुनाव के पहले कुनबा बढ़ाने हर जिले में बनी न्यू जॉइनिंग टोली; जानिए क्या है रणनीति
लोकसभा चुनाव से पहले दूसरे दलों के नेताओं का बीजेपी में शामिल होने का सिलसिला लगातार जारी है। इस साल 1 जनवरी से 9 मार्च तक करीब 5800 नेता बीजेपी जॉइन कर चुके हैं। इनमें पूर्व विधायक, पूर्व मंत्री और पूर्व सांसदों के अलावा जनपद पंचायत अध्यक्ष, पार्षद समेत सामाजिक संगठनों के प्रमुख शामिल हैं।
दरअसल, दूसरी पार्टी के नेताओं को शामिल करने के लिए बीजेपी ने न्यू जॉइनिंग टोली का गठन किया है। पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को इस टोली का संयोजक बनाया है। पूर्व मंत्री संजय पाठक को सह संयोजक बनाया है। न्यू जॉइनिंग टोली दूसरे दलों के नेताओं का फीडबैक जुटा कर उन्हें पार्टी में शामिल करती है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है कि दूसरी पार्टी से आए लोग चाहते हैं कि वे देश के लिए बेहतर काम करें, इसलिए बीजेपी के साथ आ रहे हैं। उन्हें पता है कि कांग्रेस समेत दूसरे दलों का कोई भविष्य नहीं है। शर्मा कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति ये जनता का विश्वास है, इसलिए इतनी बड़ी संख्या में दूसरे दलों से आए लोग बीजेपी में शामिल हो रहे हैं।
दैनिक भास्कर ने बीजेपी के इस न्यू जॉइनिंग अभियान को नजदीक से समझा। आखिर किस तरह से न्यू जॉइनिंग टोली नेताओं का फीडबैक जुटाकर उन्हें पार्टी में शामिल कर रही है, पढ़िए ये रिपोर्ट…

प्रदेश स्तर पर दो और हर जिले में तीन-तीन नेताओं की टोली
मध्यप्रदेश में कांग्रेस, सपा, बसपा और आप समेत बाकी दलों के नेताओं और जनप्रतिनिधियों को बीजेपी में शामिल करवाने के लिए प्रदेश और जिला स्तर पर न्यू जॉइनिंग टोली का गठन किया गया है। प्रदेशस्तरीय टोली के संयोजक पूर्व गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा और सह संयोजक पूर्व मंत्री संजय पाठक हैं।
इसके अलावा हर जिले में तीन-तीन नेताओं की न्यू जॉइनिंग टोली बनाई गई है। इस टोली में जिला अध्यक्ष के साथ संगठन के दो पदाधिकारी शामिल हैं। दूसरी पार्टी का कोई नेता बीजेपी जॉइन करना चाहता है तो उसे जिलास्तरीय टोली से संपर्क करना होता है। जिला स्तर पर बनी टोली इसकी जानकारी प्रदेशस्तरीय टोली को देती है।
प्रदेश स्तर पर बनी टोली संबंधित नेता का पूरा फीडबैक जुटाकर उसे पार्टी जॉइन कराने की हरी झंडी देती है। इसके बाद जब किसी प्रदेशस्तरीय नेता का जिले में दौरा होता है तो कार्यक्रम का आयोजन कर दूसरी पार्टी से आए नेताओं को शामिल कराया जाता है। पूर्व मंत्री, पूर्व विधायक, पूर्व सांसद जैसे बड़े नाम वाले नेताओं की जॉइनिंग प्रदेश स्तर पर या किसी बड़े कार्यक्रम में होती है।

दो कैटेगरी के नेताओं की होती है जॉइनिंग
दूसरी पार्टी से आने वाले नेताओं में उन्हीं को लिया जाता है जो पहली बार बीजेपी जॉइन कर रहे हों। यानी दूसरे दल के ऐसे नेता जो एक बार बीजेपी जॉइन कर उसे छोड़ चुके हैं, उनको पार्टी में दोबारा नहीं लिया जाता है। बीजेपी की जॉइनिंग टोली बीजेपी के ऐसे नेताओं की भी घर वापसी करवा रही है, जो पहले पार्टी में रह चुके हैं लेकिन नाराजगी या टिकट न मिलने की वजह से दूसरी पार्टी में चले गए थे।

जनवरी से अब तक 5800 नेताओं ने जॉइन की बीजेपी
बीजेपी की जॉइनिंग टोली जनवरी से लेकर अब तक 68 दिन में दूसरे दलों से आने वाले 5800 नेताओं को बीजेपी में शामिल करवा चुकी है। कांग्रेस के जिन नेताओं ने बीजेपी जॉइन की, उन्होंने कांग्रेस की रीति-नीति पर सवाल खड़े किए। बीजेपी जॉइन करने के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश पचौरी ने कहा कि मेरा ध्येय समाज सेवा और राष्ट्र सेवा का है।
उन्होंने कहा- कांग्रेस में एक नारा लगा था, न जात का न पात का, लेकिन कांग्रेस में ये नारा दरकिनार कर दिया गया है। आज जाति की बात हो रही है। इससे जातीय संघर्ष बढ़ रहा है। पिछले दिनों में जो राजनीतिक और धार्मिक निर्णय हो रहे हैं, वो दुखी करने वाले हो रहे हैं। इससे पहले जबलपुर के मेयर जगत बहादुर अन्नू ने भी राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम का बहिष्कार करने को आधार बनाकर पार्टी छोड़ी थी।


हर बूथ पर 51% वोट शेयर हासिल करने का टारगेट
बीजेपी ने हर बूथ पर 51% वोट शेयर हासिल करने का टारगेट तय किया है। पूरे मप्र के वोट शेयर की बात करें तो लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने 68 प्रतिशत वोट हासिल करने का लक्ष्य तय किया है। 2019 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी को मप्र में 58% वोट मिले थे।
इस वोट शेयर को 10 प्रतिशत बढ़ाने के लिए बीजेपी दूसरे दलों के प्रभावशाली नेताओं से लेकर बूथ स्तर पर की- वोटर्स को जोड़ने में जुटी है। बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा का कहना है कि पीएम मोदी पर अटूट विश्वास है, जिसकी वजह से इतनी बड़ी संख्या में दूसरे दलों के नेता बीजेपी जॉइन कर रहे हैं।

वीडी शर्मा बोले- कांग्रेस अपना अस्तित्व खो रही है
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा कहते हैं, ‘दूसरी पार्टी में काम करने वाले लोगों के मन में विचार आता है कि देश में कांग्रेस अपना अस्तित्व खो रही है। कांग्रेस देश और धर्म विरोधी ताकतों के साथ खड़ी है। कांग्रेस का हाल तो ऐसा है कि वो राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा का बहिष्कार करते हैं। विनाश काले विपरीत बुद्धि।
ऐसे में जब वो कुछ करना चाहते हैं तो उन्हें सबसे अच्छा प्लेटफॉर्म बीजेपी दिखाई देती है, इसलिए बड़ी संख्या में लोग बीजेपी से जुड़ रहे हैं। 90 सरपंच, 52 जनपद सदस्यों ने मैसेज किया है कि वो एक साथ बीजेपी जॉइन करना चाहते हैं।’

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जीतू ने कहा था- कांग्रेस छोड़ने वाले नेता हाशिए पर
पिछले महीने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पार्टी छोड़ने वाले 63 नेताओं की लिस्ट जारी की थी। कांग्रेस छोड़ने वाले नेताओं को लेकर पार्टी की ओर से यह कहा गया कि बीजेपी में जाने वाले सिर्फ 7 नेताओं को छोड़कर कोई भी स्थापित नहीं हो पाया। कांग्रेस छोड़ने के बाद ये नेता हाशिए पर चले गए।
पिछले 5 साल में भाजपा में गए 63 नेताओं में 56 हाशिए पर हैं। 7 नेता ही मंत्री या विधायक हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ बीजेपी में गए तुलसी सिलावट, प्रद्युम्न सिंह तोमर, गोविंद सिंह राजपूत राज्य सरकार में मंत्री हैं। डॉ. प्रभुराम चौधरी, बृजेन्द्र यादव, हरदीप सिंह डंग विधायक बनने के बाद मंत्री नहीं बनाए गए।



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पटवारी बोले- डर या लालच में कांग्रेस छोड़ रहे नेता

PCC चीफ जीतू पटवारी ने कहा, ‘मैं पहले भी और खास तौर पर भास्कर को बता चुका हूं कि जिन लोगों के कोई न कोई ऐसे धंधे या व्यवसाय हैं, जिन्हें सरकार का संरक्षण चाहिए, वे ही पार्टी छोड़ रहे हैं। किसी का बस चलाने का कारोबार है, तो कोई क्रशर या रेत का काम करता है। ऐसे लोग पुलिस-प्रशासन के डर की वजह से पार्टी छोड़ रहे हैं।
