भगवान श्रीराम हमारे जननायक : लोधी ( अमिताभ पाण्डेय )
भोपाल।
तरामायण क्रेन्द्र भोपाल एवं तुलसी मानस प्रतिष्ठान के संयुक्त त्रिदिवसीय आयोजन का उद्घाटन आज संस्कृति एवं पर्यटन धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेन्द सिंह लोधी ने किया ।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भगवान श्री राम लोकनायक हैं। उनसे हमें प्रेरणा मिलती है।
इंडोनेशिया से आए विशिष्ट अतिथि इंजी. अजीत सिंह चौहान ने अपने उद्बोधन में इंडोनेशिया में श्रीराम की संस्कृति एवं वहां पूर्व में स्थापित मंदिरों के बारे में बताया ।
इसके पूर्व कार्यक्रम में दीप प्रज्जवलन के अवसर पर संस्कृति मंत्री धर्मेन्द सिंह लोधी, विशिष्ट अतिथि अजीत सिंह चौहान, कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा , सचिव कैलाश जोशी, राजेन्द्र शर्मा भी उपस्थित थे।
अपने स्वागत उद्बोधन में कार्याध्यक्ष रघुनंदन शर्मा ने द्वितीय अन्तराष्ट्रीय रामायण सम्मेलन के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने धर्मप्रेमियों से अनुरोध किया कि कहा कि इस दो दिवसीय व्याख्यान में विभिन्न सत्रों में शोध पत्रों को सुनें और आत्मसात् करें।
इसके प्रथम सत्र में शोध कर्ताओं ने पांच विशेष सत्रों के अंतर्गत अपने शोध-पत्र प्रस्तुत किये। जिनके माध्यम से श्रीरामचरितमानस के विभिन्न विषयों पर अपने विचार रखे।
जिनमें एयरवाइस मार्शल डॉ.प्रमोद श्रीवास्तव ,डॉ.अनुराधा दुबे, नोडल अधिकारी, रामवनपथ गमन, डॉ दृउज्जवला पालसुले, पुणे, कम्बोडिया के मंदिरों की विशेषता पर आधारित व्याख्यान एवं इरफान अहमद सिक्किम, ने चीन की रामायण से संबंधित व्याख्यान एवं कविता का उल्लेख किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ.राजेश श्रीवास्तव, निदेशक रामायण केन्द्र,भोपाल ने किया।
भोजनोपरान्त द्वितीय तृतीय एवं चतुर्थ सत्र में अक्षय राजौरिया,डॉ.गिरीश , सरदापुर, डॉ.हंसा व्यास, नर्मदापुरम्, संतोष कुमार मिश्र, जबलपुर, सीमा शिवहरे भोपाल एवं उमेश पाठक सौरो, ने भगवान श्रीराम के जीवन दर्शन एवं विभिन्न पहलुओं पर तथ्यात्मक शोध पत्रों का वाचन किया।
सत्र के बीच में विभिन्न कृतियों का विमोचन भी किया गया। जिनमे तुलसी मानस प्रतिष्ठान के कार्याध्यक्ष की पुस्तक मानस की लोकोक्तियाँ एवं मुहावरे- रघुनंदन शर्मा.तुलसी के निहितार्थ- देवेन्द्र कुमार रावत रामायणदर्शनम-डॉ.राजेश श्रीवास्तव,दोहा राग-श्याम सुंदर तिवारी,वेदतत्व श्रीराम-संतोष मिश्रा,.चलोशरण रघुराय-संतोष मिश्रा,उठो राम-संतोष मिश्रा,तुलसी के छंद-ओम नीरव,.सिया राम में सब जग जानी-डॉ.वंदना मिश्रा,. सूर्य चन्द्रादि वंशों की वंशावलि-अमर सिंह बादल,बुंदेली रामायण-डॉ.रजना शर्मा
कार्यक्रम का कुशल संचालन माघवसिंह दांगी ने किया।
इस अवसर पर सभागार के निचले तल में प्रदर्शनी लगाई गई जिसमे 35 फिट लंबी रामनाम से अंकित प्रर्दशनी ललित दुबे द्वारा लगाई गई। इसके अलावा विभिन्न चित्रों की दीर्घा लगाई गई जिसमें दक्षिण एशियाई देशों (कंबोडिया, म्यामांर, लाओस, इंडोनेशिया) के दुर्लभ मंदिरों के चित्रों की प्रदर्शनी, भारतीय पुरातत्व मूर्तिकला -डॉ.नारायण व्यास,भोपाल, रामायण प्रसंगों पर आधारित पेंटिग प्रदर्शनी कला विहीन क्रिएटिव आर्ट ग्रुप -अरूणा गुप्ता एवं भारत के डाकटिकिटों में रामदरबार-दयाराम मंडल एवं अन्य लोकाभिराम प्रदर्शनी लगाई गई जिसे देकर दर्शक सराहना कर रहे हैं।
