MP में राहुल की न्याय यात्रा के टारगेट पर कौन:5 दिन की यात्रा का 80% टाइम सिंधिया के गढ़ में; ग्वालियर, मुरैना सीट पर नजर

0
Spread the love

लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर राहुल गांधी अपनी यात्रा का पार्ट-2 भारत जोड़ो न्याय यात्रा लेकर पहुंच रहे हैं। पार्ट-1 में बुरहानुपर के बोदरली गांव में 23 नवंबर 2022 की कड़कड़ाती ठंड में भारत जोड़ो यात्रा पहुंची, तब MP की राजनीति में कांग्रेस का पारा चढ़ता हुआ दिख रहा था, हालांकि एक साल बाद सारे कयास धरे रह गए और BJP ने 230 में 163 सीटें जीत ली।

राहुल पिछली बार की तरह पूरी तरह पैदल नहीं चल रहे हैं। वे मध्यप्रदेश में इस बार 698 किलोमीटर की यात्रा में 15 फीसदी यात्रा पैदल करेंगे, बाकी बस से। 66 सीटों पर सिमटी कांग्रेस अब सुस्त है। कमलनाथ खुद के भाजपा में जाने की अटकलों को खारिज करते ये कह चुके हैं कि MP में पूरी यात्रा में वे शामिल रहेंगे, लेकिन कांग्रेस कार्यकर्ता बहुत उत्साहित नहीं हैं। वजह ये है कि न्याय यात्रा के रूट में राहुल जिन 8 लोकसभा सीटों से गुजरेंगे, वो सभी सीटें भाजपा के कब्जे में हैं। भारत जोड़ो यात्रा में राहुल जिन 17 सीटों से होकर गुजरे थे, वहां 14 पर कांग्रेस चुनाव हार गई।

दैनिक भास्कर ने जाना कि आखिर राहुल की न्याय यात्रा पिछली यात्रा से कितनी अलग है? लेकिन इससे पहले ये जानना होगा कि मध्यप्रदेश में राहुल की यात्रा सिंधिया के गढ़ ग्वालियर से न सिर्फ शुरू होगी, बल्कि यात्रा का 80 फीसदी से ज्यादा समय राहुल अपने पुराने दोस्त के गढ़ में ही बिताएंगे।

न्याय यात्रा की खूबियां

  • न्याय यात्रा 5 में 4 दिन सिंधिया के गढ़ में
  • इस बार भारत जोड़ो यात्री नहीं, सिर्फ चुनिंदा नेता
  • यात्रा हाइब्रिड मोड पर, 15% पैदल, बाकी यात्रा बस से

भारत जोड़ो यात्रा से कितनी समानता

  • महिला, युवा और आदिवासियों से संवाद
  • ठहरने के लिए किसी का घर या होटल नहीं, कैंप बनेंगे
  • आम लोगों से बातचीत, मुख्यधारा के मीडिया से दूरी

मुरैना-ग्वालियर में कांग्रेस के लिए संभावनाएं

ग्वालियर के वरिष्ठ पत्रकार देव श्रीमाली कहते हैं कि ये समझना होगा कि राहुल ने ग्वालियर-चंबल को यात्रा के लिए क्यों चुना है? कांग्रेस ने विधानसभा में 66 में से 16 सीटें ग्वालियर-चंबल अंचल से जीती हैं। मुरैना और ग्वालियर में यहां कांग्रेस के लिए अच्छी संभावना है। ग्वालियर में 4 विधानसभा सीटें कांग्रेस और 4 भाजपा जीती है। मुरैना में भी यही स्थिति है। कांग्रेस यहां और माहौल बनाए तो उसे फायदा हो सकता है।

इस बार जनाधार बढ़ता नहीं दिख रहा

कांग्रेस और गांधी परिवार को नजदीक से समझने वाले वरिष्ठ पत्रकार रशीद किदवई कहते हैं कि आमतौर पर राजनीतिक यात्राओं का उद्देश्य सत्ता परिवर्तन ही होता है, लेकिन राहुल की यात्रा के संदर्भ में ऐसा नहीं है। यही वजह है कि भारत जोड़ो न्याय यात्रा की आलोचना हो रही है। इस यात्रा के बीच भी कांग्रेस का जनाधार बढ़ता हुआ नहीं दिख रहा है, लेकिन अब यात्रा शुरू हो चुकी है और राहुल के पास पीछे हटने का कोई विकल्प नहीं है। राहुल कांग्रेस के सबसे कद्दावर नेता हैं।

सिर्फ छिंदवाड़ा फोकस में न हो, एमपी में 5 सीटों पर कांग्रेस मजबूत

किदवई कहते हैं कि विधानसभा की 66 सीटों के हिसाब से देखें तो लोकसभा में कांग्रेस 6 या 7 सीटों पर मजबूत दिख रही है, लेकिन पिछले 2 चुनाव में 2014 में 2 और 2019 में सिर्फ 1 सीट मिली। ऐसे में राहुल को ऐसा कुछ करना होगा कि कम से कम MP में लोकसभा की 4 से 5 सीटों पर जीत पक्की हो सके। तब उनका प्रभाव ज्यादा बढ़ेगा।

अभी जो चर्चा चलती है उसमें सिर्फ ये सवाल होता है कि क्या छिंदवाड़ा बचा पाएगी कांग्रेस? जबकि ऐसा नहीं है, कम से कम 5 सीटों पर कांग्रेस मजबूत है। यदि जीतू पटवारी, अजय सिंह राहुल, डॉ. गोविंद सिंह के साथ-साथ कमलनाथ, दिग्विजय सिंह जैसे सीनियर नेता चुनाव मैदान में उतरें तो भाजपा को टक्कर दी जा सकती है।

राहुल की दोनों यात्राओं का फर्क समझिए…

भारत जोड़ो यात्रा- नवंबर 2022

  • थीम- डरो मत…
  • 7 सितंबर 2022 को शुरू हुई
  • कन्याकुमारी से श्रीनगर
  • देश में 3570 किलोमीटर
  • समाप्ति 30 जनवरी 2023 को
  • कितने दिन चली यात्रा- 145 दिन
  • मध्यप्रदेश में 23 नवंबर 2022 को बुरहानपुर से एंट्री, 14 दिन तक यात्रा चली
  • राहुल के फोकस में क्या रहा– अंबानी और अडानी पर खूब बरसे राहुल। नोटबंदी और नौकरी को मुद्दा बनाया।

भारत जोड़ो न्याय यात्रा- मार्च 2022

  • थीम- न्याय का हक मिलने तक
  • 14 जनवरी 2024 को मणिपुर के थोउबल से शुरू हुई
  • 20 मार्च 2024 को मुंबई में समाप्त होगी
  • कुल 66 दिन चलेगी यात्रा
  • क्या अलग- यात्रा पूरी तरह पैदल नहीं होगी, हाइब्रिड मोड में होगी।
  • बसों का उपयोग हो रहा है।
  • मध्यप्रदेश में- 5 दिन में 698 किलोमीटर, 8 लोकसभा सीटें कवर करेंगे
  • फोकस- युवा और आदिवासियों से संवाद, बेरोजगारी पर मुखर रहेंगे

भारत जोड़ो यात्रा रूट की 17 में 14 सीटें कांग्रेस हारी

जहां-जहां से गुजरेंगे राहुल, कांग्रेस का कहीं सांसद नहीं

देश में न्याय यात्रा के रूट में 355 सीटें
भारत जोड़ो न्याय यात्रा का लक्ष्य 6713 किलोमीटर, 355 लोकसभा सीटों को शामिल करना है। देश की कुल संसदीय सीटों का 65 फीसदी है। 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान भाजपा इन 355 सीटों में 236 सीटों पर विजयी हुई, जबकि कांग्रेस को इनमें से सिर्फ 14 सीटें हासिल हुईं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481