कांग्रेस:चुनावी किलेबंदी पर कलह भारी ( श्याम चौरसिया)

142 साल बूढ़ी कांग्रेस इतिहास के सबसे बुरे दौर से गुजर रही है।सर्वत्र कलह,टूट फुट,भगदड़, पाला बदलने,अपनों को खो देने ओर नेतृत्व के प्रति अविश्वास की जड़ जमा चुकी प्रवर्ति के चलते आसन्न लोकसभा चुनावों में मप्र,राजस्थान, छत्तीसगढ़, उतरांचल,उत्तरप्रदेश जैसे अन्य सूबो में कांग्रेस के पास बीजेपी को छटी का दूध पिला देने वाले प्रत्याशियों का टोटा/अकाल सा आ गया।
किसी काल मे कांग्रेस का टिकिट हथियाने के लिए तमाम तरह की जोड़ तोड़,खोखो का अर्पण आम था। चुनाव के महीनों पहले कांग्रेस ऑफिसों में दीवाली के मंजर आम थे। आज? बुलाने पर भी कन्नी काट जाते है।
इसी दर्द की अभिव्यक्ति हिमाचल प्रदेश कांग्रेस चीफ रानी प्रतिभा सिह ने करके बहुत कुछ बयान कर दिया।
कांग्रेस नेता हुड्डा,भूपेंद्र सिंह बघेल, कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री की तिकड़ी ने हिमाचल की सुक्खू सरकार को भले ही फिलहाल गिरने से बचा लिया हो।कलह पर पानी छीट दिया हो। मगर विरोध, विद्रोह की सुलगती चिन्गारी कभी भी पासा पलट गुल खिला सकती है। इस अंदेशे से रानी प्रतिभा सिह ने इंकार नही किया।
दिलचस्प।20 फरवरी को खत्म होने वाली राहुल की भारत जोड़ो न्याय यात्रा का अभी आधा सफर बाकी बचा है। इस दौरान मप्र,महाराष्ट्र,दिल्ली,पंजाब,हिमाचल,उत्तर प्रदेश,उड़ीसा हरियाणा , राजस्थान,छत्तीसगढ़ के अनेक दिग्गज नेता अपने हजारो समर्थकों के साथ पाला बदल बीजेपी का परचम थाम चुके है।सिलसिला जारी है।राजसभा चुनाव तक मे कांग्रेस नेतृत्व कांग्रेस को जोड़ नही सकी।टूट गयी। बिखर गयी।चटक गयी।
बीजेपी चुनावी किलेबंदी का 70% सफर तय कर चुकी है। pm मोदी सहित अन्य दिग्गज चुनावी रैलियों से जनमत संगठित/ केन्दित करने में लगे है। बीजेपी का अश्वमेघ यज्ञ जारी है। वहीँ कांग्रेस चुनावी किलेबंदी तो दूर तैयारियो तक का श्री गणेश करने से चूकती आ रही है।वजह। कलह। टांग खेचने की लत। कब कौन पाला बदल यात्रा को ठेंगा दिखा दे। इस आशंका से नेतृत्व त्रस्त है। आम कांग्रेसी चुनावी जंग में उतरने से पहले ही मनोबल खो चुका है।
Pm मोदी के सांस्कृतिक राष्टवाद ओर कांग्रेस की तुष्टिकरण, सनातन विरोधी नीति को मिल रहे व्यापक जन समर्थन का मंथन करके खाटे कांग्रेसी तक बीजेपी की फतह की ग्यारंटी दे रहे है।उनमें सीनियर नेता राजा दिग्गविजय सिह के अनुज पूर्व विधायक छोटे राजा लक्ष्मण सिंह तक शामिल है। इस अनहोनी का तोड़ किसी कांग्रेसी के पास नही है। कांग्रेसी तक बीजेपी के 04 सो पार के जादुई आंकड़े पर सहमत लगते है।
