स्कूल में चाकू दिखाकर लूट, छात्राओं से छेड़खानी

0
Spread the love
QuoteImage

मैं जब स्कूल आती हूं, तो रास्ते में नशे में धुत लोग आवाज लगाते हैं। फब्तियां कसते हैं…हर दिन डर के साए में गुजरता है।

QuoteImage

भोपाल के पंचशील नगर स्थित शासकीय नूतन सुभाष उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की छात्रा अनन्या की यह बात अब पूरे स्कूल की हकीकत बन चुकी है। यहां छात्राएं असुरक्षा और मानसिक दबाव के बीच पढ़ाई करने को मजबूर हैं।

स्कूल के आसपास नशाखोरों और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। छेड़छाड़, फब्तियां और बदसलूकी ने माहौल को इतना भयावह बना दिया है कि अभिभावक बच्चों को स्कूल भेजने से कतराने लगे हैं।

यही वजह है कि पिछले दो साल में 600 से ज्यादा छात्र-छात्राएं स्कूल छोड़ चुके हैं। छात्राओं की संख्या तो घटकर महज 12-15 रह गई है। जो बच्चे आते भी हैं, उनका ध्यान पढ़ाई से ज्यादा सुरक्षा पर लगा रहता है।

भोपाल के इस स्कूल के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।
भोपाल के इस स्कूल के आसपास असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है।

800 से घटकर 200 रह गए स्टूडेंट

वर्ष 1972 से संचालित यह स्कूल पहले साउथ टीटी नगर में था। 2023 में स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इसे पंचशील नगर में शिफ्ट किया गया।

यहां पहले 800 छात्र पढ़ते थे, लेकिन अब संख्या घटकर करीब 200 रह गई है। दूरी, खराब माहौल और सुरक्षा की चिंता इसकी बड़ी वजह हैं।

स्कूल की ये खुशनुमा तस्वीर तीन साल पुरानी है, तब ये टीटी नगर में लगता था।
स्कूल की ये खुशनुमा तस्वीर तीन साल पुरानी है, तब ये टीटी नगर में लगता था।

पुलिस सहायता केंद्र के सामने नशाखोरी

स्कूल के बाहर का माहौल शिक्षा नहीं, बल्कि असुरक्षा की पहचान बन चुका है। भास्कर टीम ने जब यहां का जायजा लिया तो पता चला कि गेट के बाहर मीट शॉप्स की कतार है, जहां दिनभर भीड़ और नशाखोरी होती है। पास ही एक बार्बर शॉप के बाहर युवकों का जमावड़ा लगा रहता है। ये गांजा और सिगरेट पीते नजर आते हैं।

स्कूल से 100 मीटर के दायरे में पूरा इलाका नशे का केंद्र बन चुका है। हैरानी की बात यह है कि ये सब पुलिस सहायता केंद्र के सामने हो रहा है, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं की जाती। शाम होते ही सड़क किनारे शराब पीते लोग दिखते हैं, जिससे छात्राएं और महिलाएं खुद को असुरक्षित महसूस करती हैं।

स्कूल के पास ही मटन और चिकन शॉप भी हैं।
स्कूल के पास ही मटन और चिकन शॉप भी हैं।

तीन घटनाओं से समझिए स्कूल के हालात

1. छात्राओं से बदतमीजी

छात्रा निशा बताती है कि स्कूल के बाहर खड़े लड़के अक्सर कमेंट पास करते हैं। एक बार बदतमीजी की कोशिश भी हुई, लेकिन शिक्षिका के आने पर वे भाग गए। एक अन्य घटना में पटाखे जलाकर छात्राओं को डराया गया। इसके बाद से वह अकेले आने-जाने में डरती हैं।

2. दृष्टिहीन छात्र भी निशाने पर

स्कूल में करीब 40 दृष्टिहीन छात्र पढ़ते हैं, जो रोज 1 से 1.5 किमी पैदल आते हैं। छात्र शुभम के मुताबिक, उसके साथ कई बार बदसलूकी हुई।

3. स्कूल परिसर में हत्या

प्रिंसिपल डॉ. अभिषेक बैस ने बताया कि एक साल पहले कुछ लोग स्कूल में घुसे और बाथरूम में एक व्यक्ति की हत्या कर शव जला दिया था। यहां एक बार तलवार और महिलाओं के कपड़े भी मिल चुके हैं।

प्रबंधन की चिंता- अस्तित्व पर संकट

प्रिंसिपल बैस का कहना है कि कभी प्रतिष्ठित रहा यह स्कूल अब अपनी पहचान बचाने की लड़ाई लड़ रहा है। शराबी दिन में भी परिसर में घुस आते हैं। एक बार पुलिस बुलाने पर एक व्यक्ति ने आत्महत्या की कोशिश कर स्कूल को बदनाम करने की धमकी दी थी।

स्कूल से पानी का टैंकर तक चोरी हो चुका है। गेट के ताले तोड़ दिए जाते हैं, बेंच तोड़ी या उठा ली जाती हैं। कुछ मामलों में छात्रों को चाकू दिखाकर पैसे लूटे गए और शिक्षकों से भी अभद्रता की गई।

स्थानीय लोग भी अतिक्रमण से नाराज

स्थानीय लोगों का कहना है कि स्कूल परिसर तक अतिक्रमण हो चुका है, जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा रहता है। शिकायतें विधायक, कलेक्टर और मुख्यमंत्री तक पहुंची हैं। कुछ लोगों ने पुलिस पर कार्रवाई के नाम पर पैसे मांगने के आरोप भी लगाए हैं।

कुछ लोगों ने स्कूल परिसर में अतिक्रमण भी कर रखा है।
कुछ लोगों ने स्कूल परिसर में अतिक्रमण भी कर रखा है।

छात्राओं को पढ़ाई बंद होने का डर

स्कूल की कई छात्राओं से जब हमने पूछा कि आखिर कोई अभिभावक इस मामले की शिकायत क्यों नहीं करता तो उन्होंने कहा- हम अपने परिजन से अगर स्कूल का हाल बताएंगे तो हमारा स्कूल ही छुड़वा देंगे। ऐसे में पढ़ाई बंद हो जाएगी। जैसे-तैसे यहां से पास होकर निकल जाना चाहते हैं।

दूसरी ओर, स्कूल के शिक्षकों का कहना है कि मौखिक शिकायतें तो कर ही चुके हैं, नामजद शिकायत करने से यहां आकर पढ़ाना भी मुश्किल हो जाएगा।

पुलिस का तर्क- पेट्रोलिंग बढ़ाई है

टीटी नगर थाना प्रभारी गौरव सिंह दोहर का कहना है कि क्षेत्र स्लम होने के कारण यहां असामाजिक गतिविधियां होती रहती हैं। पुलिस ने पेट्रोलिंग बढ़ाई है और स्कूल प्रबंधन को संपर्क नंबर दिए गए हैं।

हालांकि, पुलिस का यह भी कहना है कि बिना लिखित शिकायत के ठोस कार्रवाई संभव नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *


Notice: ob_end_flush(): failed to send buffer of zlib output compression (0) in /home2/lokvarta/public_html/wp-includes/functions.php on line 5481