*मप्र बजट में ‘मल्टी-स्टोरी क्लस्टर’ और ‘5 नए IT पार्क’ की घोषणा ​लघु उद्योग भारती की मांग रंग लाई

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*मप्र बजट में ‘मल्टी-स्टोरी क्लस्टर’ और ‘5 नए IT पार्क’ की घोषणा ​लघु उद्योग भारती की मांग रंग लाई*
 
 ₹9 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आने का ​लघु उद्योग भारती ने स्वागत किया* 
 
​भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार द्वारा आज विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट पर लघु उद्योग भारती के प्रदेश अध्यक्ष राजेश मिश्रा पीथमपुर एवं महामंत्री अरुण सोनी कटनी द्वारा अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संगठन ने हर्ष व्यक्त किया है कि सरकार ने लघु उद्योग भारती द्वारा निरंतर उठाई जा रही मांगों को स्वीकार करते हुए सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (MSMEs) के लिए क्रांतिकारी प्रावधान किए हैं।
​संगठन के प्रदेश नेतृत्व ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि विशेष रूप से ‘मल्टी-स्टोरी क्लस्टर’ और ‘5 नए आईटी पार्क’ की स्थापना का निर्णय प्रदेश के औद्योगिक परिदृश्य को बदल देगा। ये संगठन की वे प्राथमिक मांगें थीं जिन्हें सरकार ने इस बजट में पूर्ण किया है।
​यह लघु उद्योग भारती की मांगों की जीत है 
​औद्योगिक विकास और निवेश का धरातल पर उतरना: बजट में उल्लेखित आंकड़े दर्शाते हैं कि औद्योगिक विकास के अंतर्गत 1,028 इकाइयों को 6,125 एकड़ भूमि आवंटित की जा चुकी है, जहाँ विकास कार्य भी प्रारंभ हो चुका है। लगभग ₹9 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर उतरना निवेशकों के बढ़ते विश्वास और सरकार की नीतियों की सफलता का प्रमाण है।
​मल्टी-स्टोरी क्लस्टर (बहुमंजिला औद्योगिक परिसर): भूमि की कमी और बढ़ती कीमतों को देखते हुए लघु उद्योग भारती ने बहुमंजिला औद्योगिक परिसरों की मांग प्रमुखता से उठाई थी। सरकार द्वारा इसे बजट में शामिल करना सूक्ष्म इकाइयों के लिए बड़ी सौगात है, जिससे कम स्थान में अधिक उद्यमी अपनी इकाइयां लगा सकेंगे।
​5 नए IT पार्क की स्थापना: तकनीकी क्षेत्र में सूक्ष्म एवं लघु उद्यमों को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 5 नए आईटी पार्कों की घोषणा एक दूरदर्शी कदम है। इससे आईटी क्षेत्र से जुड़े लघु उद्यमियों को आधुनिक अधोसंरचना प्राप्त होगी।
​औद्योगिक पार्कों का विस्तार: प्रदेश के विभिन्न जिलों में 19,300 एकड़ भूमि पर इंडस्ट्रियल पार्कों का विकास संगठन के सुझावों के अनुरूप है, जिससे क्लस्टर आधारित विकास को गति मिलेगी।
​निवेश प्रोत्साहन और बुनियादी ढांचा: एमएसएमई इकोसिस्टम के लिए ₹750 करोड़ से अधिक का प्रावधान और सड़कों के लिए ₹21,630 करोड़ का आवंटन माल परिवहन (Logistics) को सुगम बनाएगा, जिससे लघु उद्योगों की लागत कम होगी।
​कुशल कार्यबल (Skilled Workforce): श्रम विभाग के लिए ₹1,335 करोड़ का आवंटन उद्योगों को प्रशिक्षित मैनपावर उपलब्ध कराने में सहायक होगा।
​लघु उद्योग भारती का वक्तव्य:
​”हम मुख्यमंत्री जी और वित्त मंत्री जी का सहृदय आभार व्यक्त करते हैं कि उन्होंने लघु उद्योग भारती के सुझावों को बजट का हिस्सा बनाया। ₹9 लाख करोड़ का निवेश धरातल पर आना और मल्टी-स्टोरी क्लस्टर जैसी घोषणाएं मध्य प्रदेश को ‘मेक इन इंडिया’ अभियान में अग्रणी बनाएंगी। यह बजट प्रदेश की अर्थव्यवस्था को 2 ट्रिलियन डॉलर के लक्ष्य की ओर ले जाने वाला एक सशक्त दस्तावेज है।”
​संगठन का मानना है कि इन सकारात्मक घोषणाओं से प्रदेश में निवेश का नया वातावरण निर्मित होगा और “वोकल फॉर लोकल” के संकल्प को नई शक्ति मिलेगी।
 
प्रवीण चित्रांश 
मीडिया प्रभारी 
लघु उद्योग भारती मध्य भारत 

praveen chitransh

9425430100

 

 

 

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