फुल स्टॉप एंड फुल स्टॉक” यूथ रिट्रीट का सफल समापन

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*सादर प्रकाशनार्थ*

 

 

*”फुल स्टॉप एंड फुल स्टॉक” यूथ रिट्रीट का सफल समापन*

 

*”युवाओं ने सीखा सोच और स्थिति पर नियंत्रण का विज्ञान एवं संकल्पों पर विजय पाने का कौशल”*

 

*”युवाओं के लिए की लगाई यूथ चौपाल”*

 

भोपाल, 30 जून 2025 | ब्रह्माकुमारीज़ सुख शांति भवन, नीलबड़, भोपाल में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य यूथ रिट्रीट “फुल स्टॉप एंड फुल स्टॉक” का प्रेरणादायक समापन हुआ। राज्यभर से पधारे युवाओं के लिए यह रिट्रीट आत्म-अनुशासन, संकल्प शक्ति और सोच पर नियंत्रण की एक गहन यात्रा रही।

 

रिट्रीट के दौरान युवाओं को स्टेप-बाय-स्टेप गाइडेंस दी गई – हमारे जीवन की दिशा कौन तय करता है? यह ना तो परिस्थिति तय करती है, ना लोग, बल्कि हमारी सोच ही दिशा निर्धारित करती है। सोच ऐसी सीढ़ी है जो हमें ऊंचाई तक ले जा सकती है… और गिरा भी सकती है।

 

प्रत्येक सत्र में जीवन के व्यवहारिक उदाहरणों, ग्रुप डिस्कशन और एक्टिविटीज के माध्यम से युवाओं को परिस्थितियों पर प्रतिक्रिया देने की बजाय आत्म-स्थिर उत्तर देने की कला सिखाई गई।

 

मुख्य विषयों में शामिल रहे:

 

*फुल स्टॉप का अभ्यास*

 

*संकल्पों की सर्जरी*

 

*रिएक्शन का रिमोट मेरे हाथ में है*

 

*सोच की सीढ़ी ऊपर ले जाए या नीचे गिराए*

 

*पास करें या पास बटन दबाएं – संकल्पों को रोकने की कला*

 

*बैंक के बैलेंस जैसे संकल्पों का संग्रह*

 

 

प्रत्येक प्रतिभागी को एक रिफ्लेक्शन एक्सरसाइज के अंतर्गत अपनी एक नकारात्मक सोच पहचानने को कहा गया जो बार-बार आती है। इसके पश्चात उस सोच पर चर्चा हुई कि वह सोच हमारे व्यवहार, निर्णयों और मनोबल पर किस प्रकार असर डालती है।

 

इसके साथ सभी को ऐसे किसी एक उत्थानकारी कार्य पर चिंतन करने के लिए प्रेरित किया गया जिसने उन्हें भीतर से बल प्रदान किया हो।

 

सत्र के अंत में सभी को यह विशेष मंत्र दिया गया:

 

> “सोच बदलो, स्थिति बदलेगी।

सोच ऊंची हो तो हम उड़ने की अनुमति देते हैं,

सोच छोटी हो तो हम थकान को न्योता देते हैं।”

 

 

एक अन्य एक्टिविटी में अलग अलग समूह बनाकर चौपाल लगाई गई, जिसमें प्रत्येक समूह में एक पंच बनाया गया एवं उन्हें परिचर्चा के लिए युवाओं की समस्याओं से जुड़े विभिन्न विषय दिए गए जिसमें उन्हें आपस में चर्चा कर उनका समाधान निकालने के लिए कहा गया। जिसमें सबने बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया एवं अपनी सहभागिता दिखाई।

जिसके पश्चात सभी मंचासीन अनुभवी सरपंचों ने सभी पंचों के सुझाव सुने एवं उन्हें सही मार्गदर्शन दिया।

 

इस रिट्रीट ने युवाओं को एक नया दृष्टिकोण, आत्मिक जागरूकता और सकारात्मक जीवन की दिशा दी।

 

मुख्य मार्गदर्शक वक्ता रहे:

 

मुख्यालय समन्वयक – बी.के. डॉ. जितेन्द्र भाई जी, माउंट आबू से पधारे, जिन्होंने युवाओं को आत्मिक ब्रेक और आत्म-जागृति का वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान किया।

 

स्टेट कोऑर्डिनेटर – बी.के. रेखा दीदी, जिन्होंने ब्रह्माकुमारी यूथ विंग की योजनाओं और भारत सरकार के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले आत्मिक युवा मॉडल की जानकारी दी।

 

उत्तर भारत यूथ विंग कोऑर्डिनेटर – बी.के. अरुण भाई जी, जिन्होंने यूथ की ऊर्जा को दिशा देने हेतु स्पष्ट व ठोस मार्गदर्शन किया।

 

इस रिट्रीट का उद्देश्य युवाओं को सोच, संकल्प और स्वभाव पर आध्यात्मिक नियंत्रण देकर उन्हें समाज के लिए सशक्त आधार बनाना रहा।

 

कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और “अब पहले सोचेंगे – फिर उत्तर देंगे” जैसे संकल्पों के साथ विदा हुए।

एवं सुख शांति भवन की निदेशिका राजयोगिनी नीता दीदी जी ने सभी पधारे हुए वक्ताओं का आभार प्रकट किया।

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