मध्यप्रदेश सरकार में कई सौरभ फल-फूल रहे

मध्यप्रदेश सरकार में कई सौरभ फल-फूल रहे हैं।अभी एक सौरभ का सामान समेट नहीं पा रहे हैं कि 80करोड़ के साथ एक और प्रकट हो गये ।बाबू स्तर के कर्मचारी भी 80करोड़ सरका रहे हैं ये एमपी का स्वर्ण युग है।
इस सौरभ मेहर के लिये भी एक खाली प्लाट ढूंड़ा जाये जहां बेचारा गाड़ी पार्क करके मशहूर हो सके।जिसे आम जनता और उसके नाती पोतों को चुकाना पड़ेगा।
सरकार को यह बताना चाहिये कि क्या इन्हीं लुटेरों,भ्रष्टाचारियों के लिये ही हर महीने कर्जा लिया जा रहा है।
रोज अखबार का एक पन्ना भ्रष्टाचारियों ,गबन करने वालों और रिश्वतखोरों की खबरों से भरा रहता है,और भक्ति संप्रदाय इसे सु-शासन कहता है।
