US प्रेसिडेंशियल डिबेट, कमला-ट्रम्प में 90 मिनट बहस
अमेरिका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प और भारतवंशी कमला हैरिस के बीच बुधवार (11 सितंबर) को प्रेसिडेंशियल डिबेट हुई। दोनों ने 90 मिनट तक अबॉर्शन, प्रवासियों, इकोनॉमी, विदेशी नीति, संसद में हिंसा जैसे 6 मुद्दों पर बहस की। डिबेट शुरू होने से पहले कमला ट्रम्प के पोडियम तक पहुंचीं और उनसे हाथ मिलाया।
डिबेट के दौरान ट्रम्प ने कहा कि वे राष्ट्रपति चुनाव जीतने के 24 घंटे के अंदर रूस-यूक्रेन जंग रुकवा देंगे। इस पर जवाब देते हुए कमला हैरिस ने कहा कि अगर आप राष्ट्रपति होते तो पुतिन इस वक्त कीव में बैठे होते और लंच में आपको खा रहे होते।
डिबेट में कमला हैरिस 37 मिनट 36 सेकेंड तक बोलीं, जबकि ट्रम्प ने उनसे 5 मिनट ज्यादा लिए। उन्होंने 42 मिनट 52 सेकेंड तक अपनी बात रखी। डिबेट खत्म होने के बाद दोनों नेता बिना हाथ मिलाए वहां से लौट गए।

ट्रम्प और कमला के बीच पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट ट्रम्प और कमला के बीच इस चुनाव में यह पहली और आखिरी डिबेट थी। कमला ने पहली बार राष्ट्रपति चुनाव की बहस में हिस्सा लिया, जबकि ट्रम्प 2016-24 तक 5 बार डिबेट में हिस्सा ले चुके हैं।
इस चुनाव में 27 जून को पहली प्रेसिडेंशियल डिबेट ट्रम्प और बाइडेन के बीच हुई थी। बाइडेन हार गए थे, जिसके बाद उन्होंने राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी छोड़ दी थी। इसके बाद डेमोक्रेटिक पार्टी ने कमला हैरिस को उम्मीदवार बनाया था।

डिबेट पढ़ने से पहले नियम जानें… फिलेडेल्फिया के नेशनल कॉन्स्टिट्यूशन सेंटर में भारतीय समयानुसार सुबह 6 बजकर 30 मिनट पर डिबेट शुरू हुई। डिबेट को ABC न्यूज के 2 एंकर डेविड म्योर और लिन्सी डेविस होस्ट किया। इन्हें मॉडरेटर कहा जाता है।
दोनों उम्मीदवारों से एक-एक कर सवाल पूछे गए। जवाब देने और काउंटर के लिए दोनों को 2 मिनट का दिया गया। उम्मीदवारों को 1 पेन, 1 नोटपैड और 1 पानी की बोतल भी दी गई थी।
उम्मीदवारों का माइक्रोफोन उनकी बारी आने पर ही चालू रखा गया। डिबेट के दौरान 2 ऐड ब्रेक आए, इस वक्त ट्रम्प और हैरिस को अपने स्टाफ के लोगों से बात करने की इजाजत नहीं थी। डिबेट में नोट्स लाने की अनुमति नहीं थी। बहस के दौरान लाइव ऑडियंस भी मौजूद नहीं रही।
अब 6 सवाल-जवाब में डिबेट को सिलसिलेवार तरह से पढ़ें…
सवाल 1: दोनों ही पार्टियां इमिग्रेशन और बॉर्डर सिक्योरिटी को एक बड़ा मुद्दा मानती हैं। कमला आपकी पार्टी इस पर क्या कर रही है?
कमला का जवाब: इमिग्रेशन से जुड़ी समस्याओं के लिए ट्रम्प जिम्मेदार हैं। उनकी पार्टी ने इससे जुड़े विधेयक को रोकने की कोशिश की। ट्रम्प ने अपने लोगों से फोन कर ऐसा करने को कहा। क्योंकि वे चाहते ही नहीं कि समस्या खत्म हो।
ट्रम्प का काउंटर: हमारे देश में हर दिन हजारों-हजार अपराधी आ रहे हैं। वे (प्रवासी) कुत्तों को खाते हैं, वे लोगों के पालतू जानवरों को खा लेते हैं। उनकी बात काटते हुए मॉडरेटर ने कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं मिले हैं।
इस पर ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने टीवी पर लोगों को यह कहते सुना है कि माइग्रेंट्स ने उनके कुत्तों को उठा लिया और उसे पकाकर खा गए।
कमला का काउंटर ट्रम्प के मुताबिक प्रवासी पालतू जानवरों को खाते हैं। अब ये बहस को एक्सट्रीम लेवल पर ले जा रहे है।

सवाल 2: ट्रम्प आपने कहा था कि आप 6 हफ्ते के बाद भी अबॉर्शन की इजाजत देंगे, लेकिन फिर आप अपने बयान से पलट गए। आपके उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जेडी वेंस ने कहा था कि आप अबॉर्शन बैन के बिल को वीटो करेंगे।
ट्रम्प का जवाब: डेमोक्रेटिक पार्टी प्रेग्नेंसी के 9वें महीने में अबॉर्शन का हक देना चाहती है। वर्जीनिया के पूर्व गवर्नर ने कहा था कि हम बच्चा पैदा होने के बाद देखेंगे कि उसका क्या करना है। जरूरत पड़ी तो उसे मार दिया जाएगा। इसलिए मैंने अबॉर्शन पर अपना पक्ष बदला।
कमला के उप-राष्ट्रपति उम्मीदवार ने कहा था कि 9वें महीने में अबॉर्शन करना या बच्चे को पैदा होने के बाद मार देने में कोई दिक्कत नहीं है।
कमला का काउंटर: ट्रम्प सिर्फ झूठ बोल रहे हैं। ट्रम्प की वजह से आज अमेरिका के 20 राज्यों में अबॉर्शन पर बैन है। इसकी वजह से एक रेप पीड़िता को अपने लिए फैसले लेने में दिक्कत आ रही है। सरकार या ट्रम्प महिलाओं को नहीं बता सकते कि उन्हें अपने शरीर के साथ क्या करना चाहिए। मैं अपने कार्यकाल में अबॉर्शन की इजाजत का बिल जरूर साइन करूंगी।
ट्रम्प का काउंटर: मैं अबॉर्शन को बैन नहीं करूंगा। इस मुद्दे ने 52 साल तक देश को बांटकर रखा है। अमेरिका के सभी राज्य अबॉर्शन पर लेकर अब खुद फैसला ले रहे है। मुझे अबॉर्शन बिल पर वीटो की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि कमला हैरिस कभी चुनाव नहीं जीतने वाली हैं।
कमला वामपंथी हैं। उनके पिता कम्युनिस्ट हैं। उन्होंने कमला को अच्छे से वामपंथ सिखाया है। पुतिन भी उनका समर्थन करते हैं। कमला से पूछा जाना चाहिए कि क्या वह प्रेग्नेंसी के 7वें, 8वें और 9वें महीने में अबॉर्शन की इजाजत देंगी।
ट्रम्प को बीच में काटते हुए कमला ने कहा: कमॉन, यह सब झूठ है। ट्रम्प की नीतियों की वजह से गर्भवती महिलाओं को इलाज के लिए दूसरे राज्य जाना पड़ रहा है। हम ऐसा नहीं होने देंगे।
जिस वक्त डोनाल्ड ट्रम्प कमला को वामपंथी कह रहे थे, उस वक्त कमला उन्हें हंसते हुए देख रही थीं…
सवाल 3: गाजा में 11 महीने से जंग चल रही है। अभी भी 100 बंधक हमास के पास हैं। पिछले हफ्ते इजराइली PM नेतन्याहू ने कोई भी पीस डील न होने की बात कही। कमला आपका इस पर क्या कहना है?
कमला का जवाब: आतंकी संगठन हमास ने 7 अक्टूबर को इजराइल पर हमला किया। उन्होंने 1200 से ज्यादा मासूम इजराइलियों को मार डाला। कई महिलाओं से रेप किया। इजराइल को अपनी रक्षा करने का पूरा हक है, लेकिन ये भी सच्चाई है कि यह जंग बहुत लंबी खींच गई है।
अब जंग खत्म होनी चाहिए। हमें एक सीजफायर डील की जरूरत है जिससे बंधक आजाद हो पाएं। टू स्टेट थ्योरी इजराइल-फिलिस्तीन समस्या का हल है। फिलिस्तीन के लोगों का भी इसी में हित है। हमें गाजा को फिर से बसाना होगा। फिलिस्तीनियों को सुरक्षा देनी होगी।
ट्रम्प का काउंटर: अगर मैं अमेरिका का राष्ट्रपति होता तो ये जंग कभी शुरू ही नहीं होती। कमला इजराइलियों से नफरत करती हैं। नेतन्याहू जब अमेरिकी कांग्रेस को संबोधित करने आए तो कमला उनसे मिली भी नहीं, क्योंकि वह पार्टी कर रही थीं। कमला मिडिल ईस्ट के लोगों से भी नफरत करती हैं।
मैं आधुनिक इतिहास में सबसे बड़ा इजराइल समर्थक राष्ट्रपति हूं। मैं राष्ट्रपति होता तो हमास के पास आतंक फैलाने के लिए पैसा ही नहीं होता। आप देखिए मिडिल ईस्ट में क्या हो रहा है। अगर कमला जीतीं तो इजराइल का 2 सालों में अस्तित्व मिट जाएगा।
कमला का काउंटर: ट्रम्प देश को तोड़ने की राजनीति करते हैं। वे एक तानाशाह हैं। एक तानाशाह दूसरे तानाशाह को पसंद करता है। वे पहले दिन से तानाशाह बनना चाहते हैं। सब जानते हैं कि वे तानाशाह किम जोंग उन को प्रेम पत्र लिखा करते थे।
दुनियाभर के तानाशाह चाहते हैं कि आप फिर से राष्ट्रपति बनें। वे आपको अपने फायदे के लिए इस्तेमाल करेंगे। मैंने कई ऐसे मिलिट्री अधिकारियों से मिली हूं जो आपके साथ काम कर चुके हैं। वे आपको एक अपमान के रूप में देखते हैं। वे आपको देश की सुरक्षा के लिए खतरनाक मानते हैं।

सवाल 4: कमला अफगानिस्तान में जिस तरीके से तालिबान की वापसी हुई क्या आप उसकी जिम्मेदारी लेती है?
कमला का जवाब: मैं अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना को हटाने के राष्ट्रपति बाइडेन के फैसले का समर्थन करती हूं। इससे पहले 4 राष्ट्रपति ऐसा करने के लिए कह चुके थे, लेकिन इसे बाइडेन ने पूरा किया। इसका नतीजा यह हुआ कि अब उस युद्ध के लिए अमेरिकी नागरिकों को रोजाना 300 मिलियन डॉलर नहीं चुकाने पड़ रहे हैं।
आज की तारीख में अमेरिका का एक भी सैनिक अफगानिस्तान और दुनिया के किसी भी हिस्से में किसी भी लड़ाई में शामिल नहीं है। ट्रम्प ने अपने कार्यकाल में अमेरिकी इतिहास की सबसे कमजोर डील साइन की।
उन्होंने अफगानिस्तान की सरकार को बायपास करते हुए सीधे आतंकी संगठन तालिबान से डील की। ट्रम्प ने तालिबान के 5 हजार आतंकियों को रिहा किया। उन्होंने तालिबान के लीडर को कैम्प डेविड भी बुलाया, जहां हम दुनिया के सम्मानित नेताओं को बुलाते हैं।
ट्रम्प का काउंटर: उस समय तालिबान हमारे सैनिकों को मार रहा था। मैंने तालिबान प्रमुख अब्दुल से कहा कि अगर हमारा एक भी सैनिक मारा जाता है, तो आपको दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। इसके बाद 18 महीनों तक किसी की भी मौत नहीं हुई।
माइक पोम्पियो (पूर्व अमेरिका विदेश मंत्री) ने तालिबान के साथ जो समझौता किया था, वो बेस्ट था। अगर वो लागू हुआ होता तो हमारा एक भी सैनिक वहां नहीं छूटा होता, हमारे कई नागरिक वहां नहीं छूटे होते। साथ ही 85 बिलियन डॉलर के नए मिलिट्री इक्विपमेंट भी वहां नहीं छूटते।
समझौते में ये सब लिखा हुआ था, पर इन लोगों ने (डेमोक्रेट्स) ने समझौते को ही रद्द कर दिया। इसकी वजह से सबसे खराब तरीके से सैनिकों की वापसी हुई, जो अमेरिकी इतिहास का सबसे शर्मनाक पल था। इसी वजह से रूस ने यूक्रेन पर हमला किया, क्योंकि वो जानते थे कि कमला और बाइडेन नाकाबिल हैं।

सवाल 5: कमला आपको जनता ने 4 साल पहले चुना था, क्या आपको लगता है कि देश की इकोनॉमी 4 साल में सुधरी है।
कमला का जवाब: मैं एक मिडिल क्लास फैमिली में पली-बढ़ी हूं। इस स्टेज पर मैं ही हूं जो अमेरिका की मिडिल क्लास लोगों की तरक्की के बारे में सोचती हूं। मैं अमेरिका के लोगों के सपनों में यकीन करती हूं। इसलिए मेरे पास एक अर्थव्यस्था का प्लान है जिसमें सब के लिए अवसर होंगे। हमारे देश में घरों की कमी है। मैं मिडिल क्लास के टैक्स में कटौती करूंगी। मैं छोटे बिजनेस को बढ़ावा दूंगी।
कमला ने ट्रम्प पर एक ऐसा सेल्स टैक्स प्लान करने का आरोप लगाया जो अमेरिका की मिडिल क्लास पर 4 हजार डॉलर सालाना का भार बढ़ाएगा।
नोट- कमला ने सिर्फ ये बताया कि वो आगे क्या करेंगी। जबकि उनसे सवाल किया गया था कि उन्होंने 4 साल में क्या किया।
ट्रम्प का काउंटर: कमला का आरोप झूठा है वे भी ये जानती हैं। हम अमेरिका के लोगों पर नहीं बल्कि दूसरे देशों पर टैरिफ रेट बढ़ाएंगे। जब मैंने ऐसा किया था तब देश में महंगाई नहीं आई। आज हमारे देश में ऐतिहासिक महंगाई है।
मैंने चीन पर टैरिफ लगाकर 35 मिलियन डॉलर हासिल किए। इन्होंने ऐसा नहीं किया। महंगाई के साथ दुनिया भर से लाखों लोग हमारे देश में आ रहे हैं। वो जेल और पागल खानों से आ रहे हैं। वो हमारी नौकरियां ले रहे हैं।
कमला का काउंटर: डोनाल्ड ट्रम्प ने हमारे लिए क्या छोड़ा था। डोनाल्ड ने देश में ऐतिहासिक बेरोजगारी दर छोड़ी, खराब हेल्थ सिस्टम छोड़ा। हमने उनकी छोड़ी अव्यवस्था को ठीक किया है। कमला ने प्रोजेक्ट 25 का जिक्र किया। इस पर ट्रम्प ने कहा कि ये झूठ है, मैंने ना कभी प्रोजेक्ट 25 पढ़ा है न कभी पढ़ूंगा।
ट्रम्प का काउंटर: हमने कोरोना के वक्त पूरी दुनिया के लिए वेंटिलेटर बनवाए। हमने वो सब किया जो किसी ने सोचा तक नहीं था। हमारे समय में ऐसी अर्थव्यवस्था थी जो बेहतरीन थी। मुझे मिलिट्री में सुधारों के लिए क्रेडिट मिलता है और कई वजहों से क्रेडिट मिलता है लेकिन मुझे कोरोना को ठीक से मैनेज करने के लिए कभी क्रेडिट नहीं मिला।
कमला का काउंटर: नोबेल विजेताओं का मानना है कि ट्रम्प का प्लान देश को महंगाई की तरफ धकेल रहा है। ट्रम्प के पास अमेरिकी लोगों के लिए कोई प्लान नहीं है। इस पर ट्रम्प ने कमला को बीच में ही रोका उन्होंने कहा मेरा प्लान बेहतरीन है इससे लोगों को रोजगार मिलेगा, अमेरिका में तरक्की आएगी। कमला के पास कोई प्लान नहीं है ये बाइडेन के प्लान की कॉपी करती हैं।

सवाल 6: प्रेसिडेंट ट्रम्प क्या आपको कैपिटल हिल हिंसा पर पछतावा है?
ट्रम्प का जवाब: मैंने अपने भाषण में समर्थकों से शांतिपूर्वक तरीके से काम करने के लिए कहा था। दूसरी तरफ उनकी एक महिला समर्थक (एशले बैबिट) की मौत पुलिसवाले की गोली से हुई।
मेरा उससे कुछ लेना-देना नहीं, सिवाय मेरे भाषण के। मैंने पहले ही कह दिया था कि ये एक बड़ी रैली होने वाली है। और ये मैंने नहीं किया , ये दूसरों ने किया था। मैंने कहा था कि मैं आपको 10 हजार नेशनल गार्ड और सैनिक देना चाहता हूं।
नैंसी पेलोसी ने इसे रिजेक्ट कर दिया। 6 जनवरी को जो हुआ वो नहीं होता अगर नैंसी पेलोसी और वॉशिंगटन डीसी के मेयर ने अपना काम किया होता। मैं सिक्योरिटी के लिए जिम्मदार नहीं था, नैंसी पेलोसी जिम्मेदारी थीं। उन्होंने अपना काम नहीं किया।”
कमला का काउंटर: मैं 6 जनवरी को कैपिटल हिल पर मौजूद थी। उस समय मैं वाइस प्रेसिडेंट इलेक्ट और एक्टिंग सीनेटर थी। उस दिन अमेरिका के राष्ट्रपति (ट्रम्प) ने हमारे देश की राजधानी पर हमला करने के लिए भीड़ बुलाई।
उस दिन 140 लोग कैपिटल हिल में घुसे। कुछ की मौत भी हुई। इसकी वजह राष्ट्रपति ट्रम्प का भाषण था। जब प्राउड बॉयज मिलिशिया की बात आई तो ट्रम्प ने कहा था कि स्टैंड बैक एंड स्टैंड बाय।
आखिर में ग्राफिक्स के जरिए राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारों को जानें…


